Thursday, 29 May 2025
घर-घर सिंदूर
Wednesday, 28 May 2025
इराज या ईरज
'इराज' की हलचल
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किसी नवजात शिशु का क्या नाम रखा जाए, यह उसके माता-पिता का प्रथम और परम अधिकार है तथा परिवार का आंतरिक मामला। इसलिए मैं नाम के बारे में पूछे गए प्रश्नों को टाल दिया करता हूँ। आज 'इराज' नाम सोशल मीडिया पर छाया हुआ है और अनेक मित्रों ने मुझे टैग किया है और डीएम से पूछ रहे हैं।
क्योंकि 'इराज' ने एक राजनीतिक घराने में जन्म लिया है, इसलिए लोग इस नाम को लेकर तरह-तरह की टिप्पणियाँ कर रहे हैं। कुछ तो इसे फ़ारसी और उर्दू का नाम बताकर मुस्लिम तुष्टीकरण से जोड़ रहे हैं। ट्रोलों की बात का उल्लेख व्यर्थ है। हाँ, लालू जी का हवाला देकर किसीने लिखा है कि नवजात ने मंगलवार को जन्म लिया इसलिए इराज नाम रखा गया क्योंकि यह हनुमान का नाम है।
इराज को हनुमान जी से कैसे जोड़ा गया है, यह मैं नहीं जानता। इतना अवश्य है कि यह संस्कृत का नाम है। इरा, इला, इळा, इडा (=पृथ्वी, सुरा, वाणी, जल आदि) समान हैं और वैदिक काल से एक नाम की चारों वर्तनियाँ प्रचलित हैं। संस्कृत भाषा के दो प्रसिद्ध कोश शब्दकल्पद्रुम और वाचस्पत्यम् में हलायुध को उद्धृत किया गया है और उसके अनुसार 'इरा' से जन्मा इराज, कामदेव का नाम है। (इरया मद्येन जायते इति इराज: कन्दर्पः )। आप्टे और मोनियर विलियम्स के कोश में भी इराज (इरा+ज= इरा से जन्मा) का अर्थ कामदेव दिया गया है। भूमिपुत्र, पृथ्वीपुत्र, वाणी पुत्र, जलज इत्यादि इराज के पर्याय हो सकते हैं। मंगल को भी पृथ्वी का पुत्र माना गया है।
संस्कृत के सुप्रसिद्ध विद्वान और नामार्थ विचारक नित्यानंद मिश्र ने एक दूसरी दिशा की ओर भी ध्यान आकृष्ट किया है। प्रेरणा और गति के अर्थ में संस्कृत में एक धातु है ईर्। ईर् से अच् प्रत्यय जोड़ने पर बनता है ईर अर्थात पवन, वायु। ईरज (ईर+ज) का अर्थ पवन पुत्र हनुमान होगा। अंग्रेजी भाषा की रोमन वर्तनी ने ईरज (Iraj) को इराज बना दिया।
जन्म लेते ही बच्चों के नाम ने इतनी हलचल मचा दी है तो आशा की जा सकती है कि आगे वह अपने कार्यों से भी हलचल मचा कर प्रसिद्ध होगा।
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